Posts

Showing posts with the label मोहब्बत

नशा भर के देख लूँ तुझे।

नशा भर के देख लूँ तुझे शराब समझकर, कोई ग़जल न लिख दूं मैं फ़िर तुझे अल्फ़ाज़ समझकर। इस क़दर जूनून छाया है मुझपर तेरे इश्क़ का, जूगनूयें दिन में उड़ाता हूँ मैं रात समझकर। हर दुआओं में ...

मैं हूँ और बस मेरी तन्हाई है।

मुझे ख़ुद से अब इतनी रुसवाई है, की हर तरफ़ तेरी यादों की परछाईं है, दूर तलक मेरी नजरें तुझे ढूंढ़कर लौट आती है, अब मैं हूँ और बस मेरी तन्हाई है।                                    ...

अंदर तक हिला दूंगा मैं।

किसी रोज़ मिलो तो मिलके सारे गिले शिकवे मिटा दूंगा मैं, लगा कर तुझे सीने से अंदर तक हिला दूंगा मैं।                                                      -दीपक कुमार

ये तय हुआ था।। @https://youtu.be/0lymVTMh7Ns

साथ साथ चलना है ये तय हुआ था, इस शहर में रहना भी तय हुआ था। अब जो चले गए हो मुझे बेघर करके, एक घर मे साथ साथ रहना भी तय हुआ था। उम्मीद है तुम अपनी ख़बर देते रहोगे, जुदा होकर भी खत लिखन...

वो धीरे से धीरे मेरी ही गली आ रही है।

धीमी धीमी सी तेरी आहटें अब आ रही है, हौले हौले से मेरी धड़कने ये बढ़ा रही है, सुन ऐ नादां दिल तू ठहर जा, एक नशा सो वो हवा में मिला रही है, वो धीरे से धीरे मेरी ही गली आ रही है। जुल्फें उ...

बुझे बुझे से हैं।

बुझे बुझे से हैं ख़्वाब मेरे, तू आके इन्हें ज़रा हवा तो दे, ढह गया है मेरे सपनों का वो मकां, बात इतनी सी है कि इक मुक़म्मल जहां तो दे।                                               ...

आहिस्ता आहिस्ता

आहिस्ता आहिस्ता मैं तुझसे जुदा हो रहा हूँ, मुझे न पता है मैं क्या से क्या हो रहा हूँ। खतावार हूँ मैं तेरी वफ़ा का, तेरे ही संसार से मैं अब लापता हो रहा हूँ। ज़िक्र तेरा ही है लबों ...

जहाँ रोती है मेरी मोहब्बत।

जहाँ रोती है मेरी मोहब्बत, बेवफ़ा वो तेरा ठिकाना है, लिख रहा हूँ अश्कों से जो, ये मेरा फ़साना है।                          जहाँ तूने किये थे मुझसे सौ वादे,                       ...

अब जो आओगी तो फिर जाना नही।

सुनो, अब जो आओगी तो फ़िर जाना नही, जैसे पहले मेरा दिल दुखाया था फिर दुखाना नही। अभी तो मैं ठीक से संभल भी नही पाया हूँ, पकड़ के हाथ मेरा फिर गिराना नहीं। कम्बख़त तेरी ज़ुल्फ़ें जो मे...

कभी लगे तन्हाई सी.......

कभी ज़िन्दगी सा ना रहा कुछ, कभी लगे तन्हाई सी... मेरे संग संग तू चल रही है, बनके जैसे परछाई सी। कभी लगे तू मुझमें बसी है, कभी लगे इक अंगड़ाई सी, जिस जगह पे मैं अब जाऊँ, तू लगे पूरबाई सी।...

ऐ दिल तू न जाने।

ऐ दिल तू न जाने क्या मांगता है, था जो तेरा वो अब किसी और का है। परेशां तू क्यूँ इतना हरदम, यादों में उसके जो पल पल रोता है। उसी से शुरू थी वफ़ा की कहानी, अब कैसे कटेगी ये अधूरी ज़िन्...

मोहब्बत तो हमें भी था उनसे बेपनाह।

मोहब्बत तो हमें भी था उनसे बेपनाह, मगर कभी जताना न आया। जो पहुँचे उनके पास इश्क़ का फ़रमान लेकर, तो उन्हें निभाना न आया। ये सच है के हम भी नासमझ थे, और नादां वो भी थी, जो गिरे इश्क़ म...

मोहब्बत के सवाल कुछ ऐसे थे।

मोहब्बत के सारे सवाल कुछ ऐसे थे, मेरे जज़्बातों के हाल कुछ ऐसे थे।                    अभी सफ़र शुरू किया था मोहब्बत का,                    पर मन के ख़्याल कुछ ऐसे थे। जब सावन की पह...

मोहब्बत के सवाल कुछ ऐसे थे।

मोहब्बत के सारे सवाल कुछ ऐसे थे, मेरे जज़्बातों के हाल कुछ ऐसे थे।                    अभी सफ़र शुरू किया था मोहब्बत का,                    पर मन के ख़्याल कुछ ऐसे थे। जब सावन की पह...

मैं लुटा प्यार में

मैं लुटा प्यार में मेरा फ़साना लूट गया, वफ़ा के समंदर का वो खज़ाना लूट गया।                    आज भी याद है मुझे वो शाम,                   जिस शाम को मेरा दिल दिवाना लूट गया। क्या थ...

तु मय बरसाती है।

Image
मदिरा सी मधुता तब ये छलकाती है नैन तेरे जब गोरी काज़ल से लिपट जाती है, मन पापी मचल उठता है पीने को, जब आंखों से तू मय बरसाती है।                  मै पुलकित हो उठता हूं तुझे पाकर,   ...

कर दे किसी को मेरे हिस्से में

Image
बदल दे रुख मेरी तक़दीर का, कर दे किसी को मेरे हिस्से में, बहुत सुनता आया हूँ मैं, मोहब्बत को अबतक किस्से में।                      ज़माने में कोई तो होगा,                      जो स...

पिया बेदर्दी।

पिया तु बड़ा बेदर्दी पिया तु बड़ा बेदर्दी कस्में सारी तोड़ गया तु जग में तन्हा छोड़ गया तु यादों का अब तूफ़ां घिरा है हाय निर्मोही ये क्या कर दी। पिया तु बड़ा बेदर्दी।            ...

दे के पल भर का साथ

दे के पल भर का साथ अब दूर जा रहे हो, ऐसे हालात में जो तुम रुला रहे हो। कुछ लमहा हम है साथ में बिताएं, कुछ बातों को है हँसी-मज़ाक़ में उड़ाये, कुछ सीख जो तुमने दी है, और कुछ वादे जो तुमने ...

सितमगर ज़माने ने

सितमगर ज़माने ने सताया न होता, मुझको तेरी याद आया न होता।                                मै तो तन्हा था कब से,                                तेरी यादों ने रुलाया न होता। न लिख...