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एक तुझे जीतकर

अनेकों बार तो मैं हृदय को तार तार आया हूँ, तुझपर अपना सारा वर्चस्व लुटा आया हूँ, अब कोई ग़म नही की मौत भी मुझे हरा दे, एक तुझे जीतकर मैं सारा जग जीत आया हूँ।                       ...

अंदर तक हिला दूंगा मैं।

किसी रोज़ मिलो तो मिलके सारे गिले शिकवे मिटा दूंगा मैं, लगा कर तुझे सीने से अंदर तक हिला दूंगा मैं।                                                      -दीपक कुमार

रंगहीन सा वो इश्क़ मेरा

रंगहीन सा वो इश्क़ मेरा, जिसे रंगना बड़ा ही मुश्किल है, कहा जाऊं तू ही बता,हर तरफ तो तेरी महफ़िल है, एक तेरी आरज़ू में मर जाऊं तो शायद ये कम होगा, तेरे इंतज़ार में खड़ा आज भी तेरा बिस्मि...

कभी लगे तन्हाई सी.......

कभी ज़िन्दगी सा ना रहा कुछ, कभी लगे तन्हाई सी... मेरे संग संग तू चल रही है, बनके जैसे परछाई सी। कभी लगे तू मुझमें बसी है, कभी लगे इक अंगड़ाई सी, जिस जगह पे मैं अब जाऊँ, तू लगे पूरबाई सी।...

उनसे जो कहनी हैं।

उनसे जो कहनी हैं, दिल की वो बातें हैं। सच कर दे जो सपने, आई वो रातें हैं। उनसे जो कहनी हैं, दिल की वो बातें हैं।                                कैसा ये रिश्ता जुड़ा               ...

वो बचपन की चाहत भुलाऊँ मैं कैसे।

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बनाया है जो घर यादों का उसे मिटाऊँ मैं कैसे, वो बचपन की चाहत भुलाऊँ मैं कैसे। आसान इतना नही जितना मै सोचता हूँ, अपनी यादों से उसे मिटाऊँ मैं कैसे। सावन बीत रहा है मगर प्यास गय...

कर दे किसी को मेरे हिस्से में

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बदल दे रुख मेरी तक़दीर का, कर दे किसी को मेरे हिस्से में, बहुत सुनता आया हूँ मैं, मोहब्बत को अबतक किस्से में।                      ज़माने में कोई तो होगा,                      जो स...

क्या मैंने जीवन में है पाया।

समझ समझ के समझ न पाया, क्या मैंने जीवन मे है पाया। तन शीतल है, मन शीतल है, पर जलती है हर क्षण काया।                          जलती है जैसे हर क्षण काया। अरमानों का ज़ोर बहुत है, और ये मन विभोर बहुत है, हर पल मैंने जीत के हारा, ये क़िस्मत की कैसी है माया।                          जलती है जैसे हर क्षण काया। बरसों से तो हम है प्यासे, जाने किसको है हम तरासे, अपने अतीत को कैसे मैं भूलूँ, ये मुश्क़िल है फिर से आया ।                          जलती है जैसे हर क्षण काया। राह कठिन है साँस न ठहरा, हाय,जीवन का ज़ख़्म है गहरा, हँसती है दर्पण अब मुझपे, कौन है अब है किसकी साया।         ...

क्या मैंने जीवन में है पाया।

समझ समझ के समझ न पाया, क्या मैंने जीवन मे है पाया। तन शीतल है, मन शीतल है, पर जलती है हर क्षण काया।                          जलती है जैसे हर क्षण काया। अरमानों का ज़ोर बहुत है, और ये मन विभोर बहुत है, हर पल मैंने जीत के हारा, ये क़िस्मत की कैसी है माया।                          जलती है जैसे हर क्षण काया। बरसों से तो हम है प्यासे, जाने किसको है हम तरासे, अपने अतीत को कैसे मैं भूलूँ, ये मुश्क़िल है फिर से आया ।                          जलती है जैसे हर क्षण काया। राह कठिन है साँस न ठहरा, हाय,जीवन का ज़ख़्म है गहरा, हँसती है दर्पण अब मुझपे, कौन है अब है किसकी साया।         ...

मेरा जो भी तजुर्बा है

मेरा जो भी तजुर्बा है ऐ ज़िंदगी, मै तुझे बतला जाऊँगा। चाहे जितना करना पड़े संघर्ष, मै कर जाऊँगा। उम्म्मीद क्या होती है ज़माने में ये हमसे बेहतर कोई नहीं जानता, कभी आ मेरी चौखट प...

दिल अक्सर तुझसे मिलने को रोता है।

न जाने क्यों ये बार बार होता है, दिल अक्सर तुझसे मिलने को रोता है, जब तु नज़रों से ओझल हो जाती हैं, तब ये चुपके से आहें भरता हैं।                                   जुदाई तुझसे एक प...

तुझे अपनी तहरीर बना लूँ

ये जो तेरी अदाये है इन्हें अपनी तहरीर बना लूँ। दे के लफ्ज़ तुझे एहसासों के, अपनी ज़ागीर बना लूँ।                           मुक़म्मल नही जो जहाँ में किसी को,                     ...

दिल आज उदास बहुत है।

ये दिल आज उदास बहुत है, मुझे आती किसी की याद बहुत है।                   ऐ बादल तू फिर कभी बरस लेना,                   आज नयन बरसात बहुत है। कब तक दबाये रखु अपने एहसासों को, आज लिख...