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Showing posts from December, 2017

कभी लगे तन्हाई सी.......

कभी ज़िन्दगी सा ना रहा कुछ, कभी लगे तन्हाई सी... मेरे संग संग तू चल रही है, बनके जैसे परछाई सी। कभी लगे तू मुझमें बसी है, कभी लगे इक अंगड़ाई सी, जिस जगह पे मैं अब जाऊँ, तू लगे पूरबाई सी।...

तेरी तेरी स्लिम स्लिम सी बॉडी बेबी

तेरी स्लिम स्लिम सी बॉडी बेबी कैसे मैं भुलाऊँ, पास जब तू आये मैं तो मर जाऊं, कैसे कैसे मैं भुलाऊँ तेरी बातों को, अक्सर तेरी याद अब आती है मुझे रातों को, वो तेरी महक़ी महक़ी बाहें, व...