इक बार जो देखा मैने
इक बार जो देखा मैंने उसकी तरफ मेरी सांसे गई सांसो में कहीं तो अटक, खुली खुली जुल्फें अदायें थी क़ातिल चलती थी जैसे मटक-मटक। हुआ मैं दिवाना पह...
जीवन के हर पहलू को शब्दों में बयाँ किया जाए तो बात ही निराली है। कविता, गीत और शायरी के माध्यम से अगर जिंदगी के हर लम्हे को गूँथ दिया जाए तो एक ऐसी माला तैयार होती है जिसकी महक निरंतर फैलती ही जाती है और जो कभी पुरानी नही होती। कुछ ऐसे ही पलों को बयां करती है ये ब्लॉग, जिससे प्रेम रस परस्पर टपकता है।