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नशा भर के देख लूँ तुझे।

नशा भर के देख लूँ तुझे शराब समझकर, कोई ग़जल न लिख दूं मैं फ़िर तुझे अल्फ़ाज़ समझकर। इस क़दर जूनून छाया है मुझपर तेरे इश्क़ का, जूगनूयें दिन में उड़ाता हूँ मैं रात समझकर। हर दुआओं में ...

दिल आज उदास बहुत है।

ये दिल आज उदास बहुत है, मुझे आती किसी की याद बहुत है।                   ऐ बादल तू फिर कभी बरस लेना,                   आज नयन बरसात बहुत है। कब तक दबाये रखु अपने एहसासों को, आज लिख...