दे के पल भर का साथ
दे के पल भर का साथ अब दूर जा रहे हो, ऐसे हालात में जो तुम रुला रहे हो। कुछ लमहा हम है साथ में बिताएं, कुछ बातों को है हँसी-मज़ाक़ में उड़ाये, कुछ सीख जो तुमने दी है, और कुछ वादे जो तुमने ...
जीवन के हर पहलू को शब्दों में बयाँ किया जाए तो बात ही निराली है। कविता, गीत और शायरी के माध्यम से अगर जिंदगी के हर लम्हे को गूँथ दिया जाए तो एक ऐसी माला तैयार होती है जिसकी महक निरंतर फैलती ही जाती है और जो कभी पुरानी नही होती। कुछ ऐसे ही पलों को बयां करती है ये ब्लॉग, जिससे प्रेम रस परस्पर टपकता है।