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Showing posts with the label प्यार

नशा भर के देख लूँ तुझे।

नशा भर के देख लूँ तुझे शराब समझकर, कोई ग़जल न लिख दूं मैं फ़िर तुझे अल्फ़ाज़ समझकर। इस क़दर जूनून छाया है मुझपर तेरे इश्क़ का, जूगनूयें दिन में उड़ाता हूँ मैं रात समझकर। हर दुआओं में ...

आहिस्ता आहिस्ता

आहिस्ता आहिस्ता मैं तुझसे जुदा हो रहा हूँ, मुझे न पता है मैं क्या से क्या हो रहा हूँ। खतावार हूँ मैं तेरी वफ़ा का, तेरे ही संसार से मैं अब लापता हो रहा हूँ। ज़िक्र तेरा ही है लबों ...

हर लम्हा हर बातें तेरी मुझको

हर लम्हा हर बातें तेरी मुझको सताती है, दिन बीते या ना बीते पर रातें मुझको जगाती है। तेरा मिलके वो बिछड़ना मेरी पलकों पे छा जाती है, तुझे भूलूँ तो भी कैसे मेरी सांसे थम सी जाती ह...

दोस्त तुझे याद तो है ना।

घर से स्कूल तक पैदल जाना, और अतरंगी बातों पे खिलखिलाना, दोस्त तुझे याद तो है ना। वो बचपन का हसीन फ़साना, दोस्त तुझे याद तो है ना। जब क़दम हमारे स्कूल की सीढ़ियों पे पड़ते थे, नैन उस ल...

कभी लगे तन्हाई सी.......

कभी ज़िन्दगी सा ना रहा कुछ, कभी लगे तन्हाई सी... मेरे संग संग तू चल रही है, बनके जैसे परछाई सी। कभी लगे तू मुझमें बसी है, कभी लगे इक अंगड़ाई सी, जिस जगह पे मैं अब जाऊँ, तू लगे पूरबाई सी।...

ओ बेबी तेरी पतली कमर।

ओ बेबी तेरी पतली कमर सताये मुझे शाम सहर, ओ बेबी तेरी पतली कमर। चोरी-चोरी चुपके से देखा करता हूँ, रात दिन तेरे लिए आहें भरता हूँ, माना तेरे आशिक़ हैं कई सारे लड़के, पर सच्चा वाला प्...

दिल मेरा तोड़ा तुने

दिल मेरा तोड़ा तुने मेरा ही कुसूर था, इश्क़ में तेरे मैं बड़ा मजबूर था।                         रीजन क्या था पहले ये सोच लूं                        आंटी जी को फ़ोन करके मैं पूछ लूं, ...

मैं लुटा प्यार में

मैं लुटा प्यार में मेरा फ़साना लूट गया, वफ़ा के समंदर का वो खज़ाना लूट गया।                    आज भी याद है मुझे वो शाम,                   जिस शाम को मेरा दिल दिवाना लूट गया। क्या थ...

वो कहती रही।

वो कहती रही मै सुनता रहा, ख़्वाब उसके ही अक्सर मै बुनता रहा, एहसास तब हुआ जुदाई का, उसके जाने के बाद , जब मैं उसे ढूँढता रहा। बड़ी अजीब सी हो गई है ज़िन्दगी, अब बस यादों का किनारा है, ह...

वो बचपन की चाहत भुलाऊँ मैं कैसे।

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बनाया है जो घर यादों का उसे मिटाऊँ मैं कैसे, वो बचपन की चाहत भुलाऊँ मैं कैसे। आसान इतना नही जितना मै सोचता हूँ, अपनी यादों से उसे मिटाऊँ मैं कैसे। सावन बीत रहा है मगर प्यास गय...

तु मय बरसाती है।

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मदिरा सी मधुता तब ये छलकाती है नैन तेरे जब गोरी काज़ल से लिपट जाती है, मन पापी मचल उठता है पीने को, जब आंखों से तू मय बरसाती है।                  मै पुलकित हो उठता हूं तुझे पाकर,   ...

कर दे किसी को मेरे हिस्से में

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बदल दे रुख मेरी तक़दीर का, कर दे किसी को मेरे हिस्से में, बहुत सुनता आया हूँ मैं, मोहब्बत को अबतक किस्से में।                      ज़माने में कोई तो होगा,                      जो स...

क्या मैंने जीवन में है पाया।

समझ समझ के समझ न पाया, क्या मैंने जीवन मे है पाया। तन शीतल है, मन शीतल है, पर जलती है हर क्षण काया।                          जलती है जैसे हर क्षण काया। अरमानों का ज़ोर बहुत है, और ये मन विभोर बहुत है, हर पल मैंने जीत के हारा, ये क़िस्मत की कैसी है माया।                          जलती है जैसे हर क्षण काया। बरसों से तो हम है प्यासे, जाने किसको है हम तरासे, अपने अतीत को कैसे मैं भूलूँ, ये मुश्क़िल है फिर से आया ।                          जलती है जैसे हर क्षण काया। राह कठिन है साँस न ठहरा, हाय,जीवन का ज़ख़्म है गहरा, हँसती है दर्पण अब मुझपे, कौन है अब है किसकी साया।         ...

बस हमारा था

तन्हाई का एक तू ही सहारा था, इक तेरा प्यार था जो बस हमारा था, थी जिसकी मुझे तलाश तेज़ तूफां में तू वो किनारा था। इक तेरा प्यार था जो बस हमारा था।                                                 - दीपक कुमार

पिया बेदर्दी।

पिया तु बड़ा बेदर्दी पिया तु बड़ा बेदर्दी कस्में सारी तोड़ गया तु जग में तन्हा छोड़ गया तु यादों का अब तूफ़ां घिरा है हाय निर्मोही ये क्या कर दी। पिया तु बड़ा बेदर्दी।            ...

क्या मैंने जीवन में है पाया।

समझ समझ के समझ न पाया, क्या मैंने जीवन मे है पाया। तन शीतल है, मन शीतल है, पर जलती है हर क्षण काया।                          जलती है जैसे हर क्षण काया। अरमानों का ज़ोर बहुत है, और ये मन विभोर बहुत है, हर पल मैंने जीत के हारा, ये क़िस्मत की कैसी है माया।                          जलती है जैसे हर क्षण काया। बरसों से तो हम है प्यासे, जाने किसको है हम तरासे, अपने अतीत को कैसे मैं भूलूँ, ये मुश्क़िल है फिर से आया ।                          जलती है जैसे हर क्षण काया। राह कठिन है साँस न ठहरा, हाय,जीवन का ज़ख़्म है गहरा, हँसती है दर्पण अब मुझपे, कौन है अब है किसकी साया।         ...

मेरा जो भी तजुर्बा है

मेरा जो भी तजुर्बा है ऐ ज़िंदगी, मै तुझे बतला जाऊँगा। चाहे जितना करना पड़े संघर्ष, मै कर जाऊँगा। उम्म्मीद क्या होती है ज़माने में ये हमसे बेहतर कोई नहीं जानता, कभी आ मेरी चौखट प...

दे के पल भर का साथ

दे के पल भर का साथ अब दूर जा रहे हो, ऐसे हालात में जो तुम रुला रहे हो। कुछ लमहा हम है साथ में बिताएं, कुछ बातों को है हँसी-मज़ाक़ में उड़ाये, कुछ सीख जो तुमने दी है, और कुछ वादे जो तुमने ...

सितमगर ज़माने ने

सितमगर ज़माने ने सताया न होता, मुझको तेरी याद आया न होता।                                मै तो तन्हा था कब से,                                तेरी यादों ने रुलाया न होता। न लिख...

दिल अक्सर तुझसे मिलने को रोता है।

न जाने क्यों ये बार बार होता है, दिल अक्सर तुझसे मिलने को रोता है, जब तु नज़रों से ओझल हो जाती हैं, तब ये चुपके से आहें भरता हैं।                                   जुदाई तुझसे एक प...