मोहब्बत के सवाल कुछ ऐसे थे।
मोहब्बत के सारे सवाल कुछ ऐसे थे, मेरे जज़्बातों के हाल कुछ ऐसे थे। अभी सफ़र शुरू किया था मोहब्बत का, पर मन के ख़्याल कुछ ऐसे थे। जब सावन की पह...
जीवन के हर पहलू को शब्दों में बयाँ किया जाए तो बात ही निराली है। कविता, गीत और शायरी के माध्यम से अगर जिंदगी के हर लम्हे को गूँथ दिया जाए तो एक ऐसी माला तैयार होती है जिसकी महक निरंतर फैलती ही जाती है और जो कभी पुरानी नही होती। कुछ ऐसे ही पलों को बयां करती है ये ब्लॉग, जिससे प्रेम रस परस्पर टपकता है।