वो कहती रही।
वो कहती रही मै सुनता रहा, ख़्वाब उसके ही अक्सर मै बुनता रहा, एहसास तब हुआ जुदाई का, उसके जाने के बाद , जब मैं उसे ढूँढता रहा। बड़ी अजीब सी हो गई है ज़िन्दगी, अब बस यादों का किनारा है, ह...
जीवन के हर पहलू को शब्दों में बयाँ किया जाए तो बात ही निराली है। कविता, गीत और शायरी के माध्यम से अगर जिंदगी के हर लम्हे को गूँथ दिया जाए तो एक ऐसी माला तैयार होती है जिसकी महक निरंतर फैलती ही जाती है और जो कभी पुरानी नही होती। कुछ ऐसे ही पलों को बयां करती है ये ब्लॉग, जिससे प्रेम रस परस्पर टपकता है।