Posts

Showing posts with the label एहसास

वो बचपन की चाहत भुलाऊँ मैं कैसे।

Image
बनाया है जो घर यादों का उसे मिटाऊँ मैं कैसे, वो बचपन की चाहत भुलाऊँ मैं कैसे। आसान इतना नही जितना मै सोचता हूँ, अपनी यादों से उसे मिटाऊँ मैं कैसे। सावन बीत रहा है मगर प्यास गय...

बस हमारा था

तन्हाई का एक तू ही सहारा था, इक तेरा प्यार था जो बस हमारा था, थी जिसकी मुझे तलाश तेज़ तूफां में तू वो किनारा था। इक तेरा प्यार था जो बस हमारा था।                                                 - दीपक कुमार