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Showing posts from July, 2017

ओ बेबी तेरी पतली कमर।

ओ बेबी तेरी पतली कमर सताये मुझे शाम सहर, ओ बेबी तेरी पतली कमर। चोरी-चोरी चुपके से देखा करता हूँ, रात दिन तेरे लिए आहें भरता हूँ, माना तेरे आशिक़ हैं कई सारे लड़के, पर सच्चा वाला प्...