पिया बेदर्दी।
पिया तु बड़ा बेदर्दी पिया तु बड़ा बेदर्दी कस्में सारी तोड़ गया तु जग में तन्हा छोड़ गया तु यादों का अब तूफ़ां घिरा है हाय निर्मोही ये क्या कर दी। पिया तु बड़ा बेदर्दी। ...
जीवन के हर पहलू को शब्दों में बयाँ किया जाए तो बात ही निराली है। कविता, गीत और शायरी के माध्यम से अगर जिंदगी के हर लम्हे को गूँथ दिया जाए तो एक ऐसी माला तैयार होती है जिसकी महक निरंतर फैलती ही जाती है और जो कभी पुरानी नही होती। कुछ ऐसे ही पलों को बयां करती है ये ब्लॉग, जिससे प्रेम रस परस्पर टपकता है।