ये दर्द है मेरे अलफाजो मे
तुझे ढूँढू मै किताबो
मे,
तेरी तलाश मे हर एक अक्षर पढ्ता हूँ
और लिखता हूँ कविता तेरी
यादो मे,
कोई रिश्ता नही है तेरा
मुझसे
तू फिर भी कहीँ है मेरी
जज्बातो मे,
गुजरे पल याद करता हूँ मैँ अक्सर
अब तन्हाई की
रातोँ मे,
आँखो के साथ दिल भी रोता है
और ढूँढ्ता हूँ मै तुझे
आँसुओ की बरसातो मे,
काश ये वक़्त यहीँ
ठहर जाता
और कट जाती
जीवन सारा तेरी बातो मे|
-दीपक कुमार
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