चाहने की भूल कर लेता
कोई हमे भी चाहने की भूल कर
लेता
हमसे दिल लगाने की भूल कर
लेता,
हमने ही गैरो
को अपना कहा
कोई हमे भी
अपना कहने की भूल कर लेता,
तन्हा हूँ मै इस ज़िन्दगी के
सफर मे
कोई मेरी तन्हाईयोँ मे
शामिल होने की भूल कर लेता,
धडकने अब भी
धडक रही है बेनाम से
कोई साँसो मे
समाने की भूल कर लेता,
मै शायर हूँ मेरी आदत है
शायरी करना
कोई मेरी शायरी बनने की भूल
कर लेता।
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